हमारे बारे में

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हम 1964 से वित्तीय
सेवाओं में अग्रणी
रहे हैं.

अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझने
के लिए प्रतिबद्ध तथा निरंतर संबद्ध वित्तीय समाधान
एवं उत्कृष्ट ग्राहक सेवा प्रदान करना लक्ष्य
  • डिजिटल
    सेवाओं
  • पैन इंडिया
    नेटवर्क
  • 24x7
    ग्राहक सेवा
  • सुरक्षित
    सेवाएं
  • प्रोडक्ट
    कन्विनिएंस
  • नवाचार
    सेवाएं
संकल्प

सभी अंशधारकों के मूल्‍य में वृद्धि करते हुए सबसे पसन्‍दीदा और विश्‍वसनीय बैंक बनना.

ध्येय

अपनी उत्‍कृष्‍ट सेवा और बेहतरीन वित्तीय समाधानों की व्‍यापक श्रृंखला के साथ ग्राहकों को आनंदित करना ;

कॉरपोरेट और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर वित्तपोषण में उत्‍कृष्‍टता को बनाये रखते हुए रिटेल क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ाकर अधिक से अधिक लोगों के जीवन से जुड़ना ;

नैतिक, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्य करते हुए कॉरपोरेट अभिशासन के लिए आदर्श मॉडल बनना ;

कारोबार कार्यकुशलता में सुधार लाने और ग्राहक की अपेक्षाओं पर खरे उतरने के लिए विश्‍वस्‍तरीय प्रौद्योगिकी, प्रणालियों तथा प्रक्रियाओं का प्रयोग करना ;

हरित संरक्षी बैंक बनने के लिए निरंतर प्रयास करना .

विश्‍व स्‍तर पर पहुंच को बढ़ाना ;

कर्मचारियों को अभिप्रेरित करने, विकसित करने और कर्मठ एवं प्रतिबद्ध मानव संसाधन तैयार करने के लिए सकारात्‍मक, सक्रिय एवं कार्य-निष्‍पादन आधारित कार्य-संस्‍कृति को प्रोत्‍साहित करना ;

कंपनी प्रोफ़ाइल

आईडीबीआई बैंक भारत के शीर्ष और सबसे तेज गति से प्रगति करने वाले बैंकों में से है. बैंक सभी ग्राहक खंडों को उत्पाद और सेवाओं की व्यापक शृंखला प्रदान करता है. हम लगातार अपने ग्राहकों के मूल्य में संवर्धन तथा बैंकिंग क्षेत्र में सर्वोत्तम वित्तीय सेवाओं के साथ भारत के सबसे सुविधाजनक और पसंदीदा बैंक के रूप उभरने का प्रयास करते हैं.

आईडीबीआई बैंक को अपनी पूर्ववर्ती संस्था भारतीय औद्योगिक विकास बैंक, जो 01 जुलाई 1964 से 30 सितंबर 2004 तक उद्योग के क्षेत्र में एक शीर्ष विकास वित्तीय संस्था (डीएफ़आई) रही, से परंपरा के रूप में एक संपन्न विरासत मिला है. डीएफ़आई के रूप में पूर्ववर्ती आईडीबीआई ने अपने कारोबार में सेवाओं की शृंखला शामिल करने के लिए केवल परियोजना वित्तपोषण के क्षेत्र से बाहर निकल कर अपने कैनवास को व्यापक बनाया जिससे उद्योगों के संतुलित भौगोलिक विस्तार, चिह्नित पिछड़े क्षेत्रों के विकास, उद्यमों में नए उत्साह के आविर्भाव और एक संजीदा और मजबूत पूँजी बाज़ार के विकास को बल मिला.

01 अक्तूबर 2004 को, पूर्ववर्ती आईडीबीआई को बैंकिंग क्षेत्र के सम्पूर्ण कार्यकलापों को कार्यान्वित करने के लिए आईडीबीआई लिमिटेड के रूप में परिवर्तित कर दिया गया तथा इसकी निष्पक्ष डीएफ़आई भूमिका को जारी रखा गया. अपने कारोबार की संवृद्धि की महत्त्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए आईडीबीआई बैंक लिमिटेड ने अपनी सहायक संस्थाओं पूर्ववर्ती आईडीबीआई बैंक, आईडीबीआई होम फ़ाइनेंस लिमिटेड, आईडीबीआई गिल्ट्स तथा पूर्ववर्ती यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक को कुछ समय अंतराल के साथ अपने में विलय किया. अपने व्यापक कारोबार संबंधी कार्यकलापों को प्रदर्शित करने के लिए आईडीबीआई लिमिटेड ने अपना नाम बदल कर आईडीबीआई बैंक लिमिटेड रख लिया.

आईडीबीआई में हम संवृद्धि में विश्वास करते हैं जो सख्या से परे हो. हमने अपने व्यापक शृंखला वाली बैंकिंग उत्पादों और सेवाओं के माध्यम से असंख्य लोगों के दिल में अपनी जगह बनाई है.

आईडीबीआई बैंक की पहचान भारत के अग्रणी और सबसे तेज गति से प्रगति करने वाले बैंक के रूप में की जाती है. हम बैंकिंग समाधानों के संबंध में अत्यंत सकेंद्रित दृष्टिकोण के साथ ग्राहक केन्द्रित संबंध में विश्वास रखते हैं.

आईडीबीआई बैंक, अपने हितधारकों के मूल्य में संवृद्धि करते हुए, अपने को ‘सबसे पसंदीदा और विश्वसनीय बैंक’ के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

55+

वर्षों
1 जुलाई 1964 से बैंकिंग समाधान प्रदान करने के लिए

1890+

शाखाओं
पूरे भारत में

3300+

एटीएम
पूरे भारत में

₹2,97,764

करोड़
31 मार्च, 2021 को बैलेंस शीट का आकार
हमारा सफर

1964

2004

2005

2006

2008

2011

2019

1964

भारतीय औद्योगिक विकास बैंक

भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (आईडीबीआई) का गठन भारतीय औद्योगिक विकास बैंक अधिनियम 1964 के तहत एक वित्तीय संस्था के रूप में हुआ था और यह भारत सरकार द्वारा जारी 22 जून 1964 की अधिसूचना के द्वारा 01 जुलाई 1964 से अस्तित्व में आया. इसे कंपनी अधिनियम,1956 की धारा 4 ए के प्रावधानों के अंतर्गत एक सार्वजनिक वित्तीय संस्था का दर्ज़ा प्राप्त हुआ. सन् 2004 तक यानी, 40 वर्षों तक इसने वित्तीय संस्था के रूप में कार्य किया और 2004 में इसका रूपांतरण एक बैंक के रूप में हो गया.

2004

इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड

आवश्यकता महसूस होने और वाणिज्यिक विवेक के आधार पर आडीबीआई को बैंक के रूप में रूपांतरित करने का निर्णय लिया गया. इसके लिये भारतीय औद्योगिक विकास बैंक अधिनियम,1964 को निरस्त करते हुए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (उपक्रम का अंतरण व निरसन) अधिनियम,2003 (निरसन अधिनियम) पारित किया गया. निरसन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, कंपनी अधिनियम के अधीन 27 सितंबर 2004 को इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड (आईडीबीआई लि.) के नाम से एक नई कंपनी सरकारी बैंकिंग कंपनी के रूप में निगमित हुई. तत्पश्चात प्रभावी तारीख 01 अक्तूबर 2004 से आईडीबीआई का उपक्रम आईडीबीआई लि. में अंतरित व निहित कर दिया गया. निरसन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, आईडीबीआई लि. वित्तीय संस्था की अपने पूर्ववर्ती भूमिका के अतिरिक्त बैंक के रूप में कार्य कर रहा है.

2005

आईडीबीआई बैंक लि. का आईडीबीआई लि. में विलय

बैंक की इनऑर्गेनिक वृद्धि के लक्ष्य को पाने के प्रयासों में और तेजी लाने के उद्देश्य से बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 44ए के प्रावधानों के तहत, जिसमें दो बैंकिंग कंपनियों के स्वैच्छिक समामेलन का प्रावधान है, आईडीबीआई लि. की पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था आईडीबीआई बैंक लि. का आईडीबीआई लि. में समामेलन कर लिया गया. यह विलय 02 अप्रैल 2005 से प्रभावी हो गया.

2006

यूनायटेड वेस्टर्न बैंक लि. का आईडीबीआई लि. में विलय

सातारा में केंद्रित निजी क्षेत्र के बैंक - दि यूनायटेड वेस्टर्न बैंक लि. (यूडब्ल्यूबी) को भारतीय रिज़र्व बैंक ने अधिस्थगन के अंतर्गत रखा था. अपनी इनऑर्गेनिक वृद्धि में और तेजी लाने के मकसद से आईडीबीआई लि. द्वारा उक्त बैंक का अधिग्रहण करने की इच्छा प्रकट किये जाने पर, भारतीय रिज़र्व बैंक और भारत सरकार ने यूडब्ल्यूबी को बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 45 के प्रावधानों के तहत आईडीबीआई लि. में समामेलित कर दिया. यह विलय 03 अक्तूबर 2006 से प्रभावी हुआ.

2008

आईडीबीआई लि. का नाम आईडीबीआई बैंक लि. में परिवर्तित

इस उद्देश्य से कि बैंक के नाम से इसके द्वारा किये जा रहे व्यापक कार्य स्पष्ट रूप से झलके, बैंक का नाम बदल कर आईडीबीआई बैंक लिमिटेड कर दिया गया. यह नया नाम कंपनी रजिस्ट्रार, महाराष्ट्र द्वारा निगमन प्रमाणपत्र के जारी किये जाने के साथ ही 07 मई 2008 से प्रभावी हो गया है. तदनुसार, बैंक अब आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के मौजूदा नाम के साथ कार्य कर रहा है.

2011

आईडीबीआई होम फाइनेंस लि. और आईडीबीआई गिल्ट लि. का विलय

आईडीबीआई बैंक के पूर्णत: स्वामित्व वाली सहायक संस्थाओं आईडीबीआई होम फाइनेंस लि. और आईडीबीआई गिल्ट लि. को भारत सरकार के कारपोरेट कार्य मंत्रालय के दिनांक 08 अप्रैल 2011 के आदेश द्वारा कंपनी अधिनियम,1956 की धारा 391-394 के अधीन आईडीबीआई बैंक में समामेलित कर दिया गया. समामेलन योजना के अंतर्गत नियत तारीख 01 जनवरी 2011 अनुमोदित की गई है. कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 394(3) के अनुसार भारत सरकार के उपर्युक्त आदेश को 26 अप्रैल 2011 को कंपनी रजिस्ट्रार के पास फ़ाइल किया गया है.

2019

आईडीबीआई बैंक लिमिटेड का निजी क्षेत्र के बैंक के रूप में पुनर्वर्गीकरण

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 21 जनवरी 2019 को आईडीबीआई बैंक के 51% नियंत्रक हिस्से का अधिग्रहण पूर्ण कर लिया और यह बैक का मेजॉरिटी शेयर होल्डर बन गया. भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 21 जनवरी 2019 को इक्विटी शेयर पूंजी बढ़ाने के परिणामस्वरूप, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 14 मार्च 2019 की प्रेस विज्ञप्ति द्वारा यह स्पष्ट किया है कि आईडीबीआई बैंक लिमिटेड को 21 जनवरी 2019 से 'निजी क्षेत्र के बैंक' के रूप में वर्गीकृत किया गया है.

निदेशक मंडल
श्री एम. आर. कुमार
अध्यक्ष
श्री राकेश शर्मा
प्रबंध निदेशक एवं सीईओ
श्री सैम्युअल जोसेफ जेबराज
उप प्रबंध निदेशक
श्री सुरेश खटनहार
उप प्रबंध निदेशक
सुश्री मीरा स्वरूप
सरकार। नामांकित निर्देशक (गैर-कार्यकारी निर्देशक)
श्री अंशुमान शर्मा
सरकार। नामांकित निर्देशक (गैर-कार्यकारी निर्देशक)
श्री राजेश कंडवाली
एलआईसी नामांकित निर्देशक (गैर-कार्यकारी निर्देशक)
श्री ज्ञान प्रकाश जोशी
स्वतंत्र निर्देशक
श्री बी बी जोशी
स्वतंत्र निर्देशक
श्री समरेश परिदा
स्वतंत्र निर्देशक
श्री एन. जंबुनाथन
स्वतंत्र निर्देशक
श्री दीपक सिंघली
स्वतंत्र निर्देशक
श्री संजय गोकुलदास कल्लापुर
स्वतंत्र निर्देशक
सुश्री पी वी भारती
अपर निर्देशक
कार्यपालक निदेशक
श्री पी. सीताराम
डॉ. सौम्य एस. बॅनर्जी
श्री अजय शर्मा
श्री शैलेंद्र नाडकर्णी
मिस्टर जोर्टी चाको
श्री पी.के. दासो
श्री अशोक कुमार गौतम
श्री अजय नाथ झा
श्री राजीव कुमार
श्री नागराज गरला
सुश्री बलजिंदर कौर मंडली
श्री अनिल सी. राजो
श्री शालील अवले
श्री सुनीत सरकार
श्री संजय देशपांडे
You can now
Download Our Statute
उपक्रम का अंतरण और निरसन अधिनियम, 2003
डाउनलोड
संस्था के बहिर्नियम
डाउनलोड
संस्था के अंतर्नियम
डाउनलोड
वित्तीय रिपोर्ट
नई पीढ़ी का सरकार के स्वामित्व वाला बैंक

इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड (अब आईडीबीआई बैंक लि. के रूप में पुनर्नामित) का निगमन कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत एक लिमिटेड कंपनी के रूप में हुआ था जिसे कंपनी रजिस्ट्रार, महाराष्ट्र, मुंबई के दिनांक 27 सितंबर 2004 के निगमन प्रमाणपत्र द्वारा पंजीकृत किया गया है. आईडीबीआई बैंक लि. के संस्थागत अंतर्नियमों के अनुसार केंद्र सरकार कंपनी की शेयरधारक होगी तथा उसका अंश कंपनी की चुकता पूंजी से कभी भी 51% से कम नहीं होगा. शेयरधारिता स्वरूप पर विचार करते हुए आईडीबीआई बैंक को "सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंक" नामक नए उप-समूह के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है. ".

भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने 15 अप्रैल 2005 के पत्र  डीबीओडी.बीपी.1630/21.04.152/2004-05 द्वारा यह पुष्टि की है कि आईडीबीआई लिमिटेड (अब आईडीबीआई बैंक लि. के रूप में पुनर्नामित) को सरकार के स्वामित्ववाला बैंक माना जाए.

वित्त मंत्रालय ने दिनांक 31 दिसंबर 2007 के परिपत्र सं. एफ नं. एफ नं. 7/96/2005-बीओए  द्वारा भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/ विभागों को यह सूचित किया है कि बैंक को सरकारी विभागों / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों / अन्य संस्थाओं द्वारा जमा/ बांड / निवेश / गारंटी आदि सहित सभी प्रयोजनों व सरकारी कारोबार की दृष्टि से राष्ट्रीयकृत बैंकों / भारतीय स्टेट बैंक के समतुल्य समझा जाए.

आय कर अधिनियम, 1961 की  धारा 10 (23डी) में वित्त अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधन के बाद `सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक' अभिव्यक्ति में`सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंक' शामिल हैं.

Code of Conduct Code of Conduct
सामान्य आचार संहिता

हम सही का साथ देने में
विश्वास करते हैं.

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